यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की वैश्विक युद्धविराम की अपील (23 मार्च, 2020)

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हमारी दुनिया एक असाधारण दुश्मन का सामना कर रही है – कोविड-19.
ये वायरस किसी राष्ट्रीयता या नस्लीय पृष्ठभूमि, समूह या आस्था की पर्वाह नहीं करता. ये सभी पर बिना कोई भेद किए हमला करता है.
इस बीच, दुनिया में सशस्त्र संघर्षों की तबाही जारी है.
सबसे ज़्यादा असुरक्षित – महिलाओं और बच्चों, विकलांगों, हाशिए पर धकेल दिए गए लोगों और विस्थापितों – को सबसे भारी क़ीमत चुकानी पड़ती है.
यही लोग कोविड-19 के कारण सबसे ज़्यादा तबाही व नुक़सान उठाने के जोखिम से घिरे हैं.
हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि युद्धग्रस्त देशों में स्वास्थ्य ढाँचा चरमरा चुका है.
बहुत कम संख्या में बचे स्वास्थ्य कर्मियों को अक्सर निशाना बनाया जाता है.
हिंसक संघर्षों के कारण विस्थापित लोगों और शरणार्थियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.
इस वायरस की भीषणता से युद्ध की बेवकूफ़ी बिल्कुल स्पष्ट नज़र आने लगी है.
इसलिए आज मैं दुनिया के तमाम स्थानों पर तत्काल वैश्विक युद्धविराम की अपील करता हूँ.
सशस्त्र संघर्षों पर तालाबंदी कर देने और हमारे जीवनकाल की असल लड़ाई के ख़िलाफ़ एकजुट होकर मोर्चा खोल देने का ये बिल्कुल सटीक लम्हा है.
युद्धरत पक्षों से मैं कहता हूँ:
लड़ाई से पीछे हट जाएँ.
अविश्वास और दुश्मनी को भूल जाएँ.
बंदूकों को शांत कर दें; गोलाबारी रोक दें; हवाई हमले बंद कर दें.
ये बहुत अहम है… जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने का रास्ता बनाने के लिए.
कूटनीति के लिए बेशक़ीमती खिड़की खोलने के लिए.
कोविड-19 के सबसे ज़्यादा जोखिम का सामना करने वाले स्थानों पर उम्मीद की मशाल जलाने के लिए.
आइए, कोविड-19 का एकजुट मुक़ाबला करने के लिए शत्रु समूहों के बीच बन रहे नए गठबंधनों और संवादों से प्रेरणा हासिल करें. लेकिन हमें और भी ज़्यादा करने की ज़रूरत है.
युद्ध की बीमारी को ख़त्म करें और इस बीमारी का मुक़ाबला करें जिसने दुनिया को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है.
और ये शुरूआत हर जगह लड़ाई को बंद करने के साथ होती है. तत्काल.
मानव परिवार को इस समय इसी की ज़रूरत है, अभूतपूर्व रूप से.

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